एहसास

>> Thursday, 27 January 2011

एहसास हुआ जैसे वो अपना सा कोई है,
दूर जाते हुए जब उसने पलट कर देखा !!

कोई सबमें भी है फिर भी है तनहा इतना,
चाँद के राज़ को जब पास से जाकर देखा !!

झील सी गहरी हैं  फिर भी हैं कितनी भोली, 
उनकी आँखों में जब आँखें मिलाकर देखा !!

चुप रहती हैं और चुपके से बोलती कितना,
आँखों से करते हुए उनको जो इशारे देखा !!

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